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Author(s): शिव कुमार सिंघल

Email(s): smv4singhal72@gmail.com

Address: शासकीय गुंडाधूर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोंडागांव

*Corresponding Author: smv4singhal72@gmail.com

Published In:   Volume - 32,      Issue - 2,     Year - 2026

DOI: 10.52228/JRUA.2026-32-2-6  

ABSTRACT:
बस्तर संभाग में जनजातीय हस्तशिल्प कलाओं के पीछे जनजातियों की संस्कृतिए परंपरा दृष्टिगोचर होती है। इस क्षेत्र की जनजातियां पूर्व में केवल पारंपरिक पूजा.अनुष्ठान में उपयोगी कलाकृतियों का निर्माण किया करती थीए धीरे.धीरे बदलते परिवेश के अनुसार वर्तमान में जनजातियां अपनी पुरातन अनुष्ठानीक कलाकृतियों के साथ दैनिक जीवन में उपयोगी वस्तुओंए साज.सज्जा संबंधी वस्तुओं का निर्माण कर उनमें बारीक नक्काशी करनी लगी है। इन वस्तुओंध्कलाकृतियों पर की जाने वाली नक्काशी जनजातियों के जीवन चरित्र का वर्णन करती है। जनजातियों के द्वारा आदि काल से अपने पूर्वजों से सीखा गया ज्ञानए संस्कृति के प्रति समझए इनकी कलाकृतियों के माध्यम से देखी जा सकती है। बस्तर संभाग की जनजातीय हस्तशिल्प वैश्विक स्तर पर ख्याति प्राप्त कर चुकी है इस संभाग में जनजातियां हस्तशिल्प के निर्माण एवं विपणन के माध्यम से अर्थोपार्जनध्जीविकोपार्जन कर रही है।

Cite this article:
सिंघल (2026). जनजातीय हस्तशिल्प निर्माण एवं विपणन की प्रक्रिया (छत्तीसगढ़ राज्य बस्तर संभाग के विशेष सन्दर्भ में). Journal of Ravishankar University (Part-A: SOCIAL-SCIENCE), 32(2), pp.64-71. DOI:https://doi.org/10.52228/JRUA.2026-32-2-6


सन्दर्भ ग्रन्थ सूची –

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3.https://www.drishtiias.com/hindi/burning-issues-of-the-month/lack-of-social-security-in-the-unorganized-sector

4.https://www.dhyeyaias.in/current-affairs/perfect-7-magazine/self-help-groups-SHGs

5.http://www.handicrafts.nic.in/

6. https://www.epch.in     

7. राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार प्राप्त राजेंद्र बघेल(घड़वा शिल्पकार, निवासी-भेलवापदर पारा,जिला- कोंडागांव) से प्राप्त जानकारी, साक्षात्कार दिनांक 06/03/2025

08. साथी समाज सेवी संस्था के संस्थापक श्री भूपेश तिवारी कोण्डागांव, जिला-कोण्डागांव से प्राप्त जानकारी साक्षात्कार दिनांक 20/03/2025

09. शुक्ल, हीरालाल (1978). प्राचीन बस्तर. नागपुरःविश्वभारती प्रकाशन, पृष्ठ संख्या 36

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12. बेहार, राजकुमार (1974). बस्तर आरण्यक. जगदलपुरःधर्मार पब्लिकेशन, पेज न0 178

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14. बेहार, राजकुमार (2003). छत्तीसगढ़ी विभुतियां एवं संस्कृति. रायपुरःछत्तीसगढ़ शोध संस्थान, पेज न. 15

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